Tuesday, September 6, 2016

कांग्रेस ने घोटाले के आरोप में भी घोटाला कर दिया!

कांग्रेस ने घोटाले के आरोप में भी घोटाला कर दिया!

कांग्रेस ने अपने दौर में किए 45 हजार करोड़ रुपये के कथित टेलीकॉम घोटाले का आरोप भी नरेंद्र मोदी सरकार पर मढ़ दिया है। बीती शाम पार्टी ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर ऐलान किया कि वो मोदी सरकार के बहुत बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने जा रहे हैं। मीडिया ने भी इस ‘पर्दाफाश’ को सच मानकर चलाना भी शुरू कर दिया। लेकिन कुछ मिनट के अंदर ही यह जानकारी सामने आई कि जिस घोटाले का जिक्र कांग्रेस के नेता कर रहे थे वो दरअसल 2006 से 2009 के बीच हुआ था और उस दौरान कांग्रेस की सरकार थी। ये मामला फिलहाल संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के तहत है और बहुत जल्द इस मामले में कांग्रेस के कई नेता नप सकते हैं।

अपने ही फैलाए जाल में फंसी कांग्रेस!

दरअसल सीएजी के ऑडिट में पाया गया था कि 6 बड़ी टेलीकॉम कंपनियों ने 2006 से 2009 के बीच अपनी आमदनी कम दिखाई। इसकी वजह से उन पर टैक्स कम लगा। यह रकम 45 हजार करोड़ के करीब बैठने का अनुमान है। यह मामला पहले से ही मीडिया में आ चुका है और इसकी जांच पब्लिक एकाउंट्स कमेटी कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद मोबाइल कंपनियों से इस रकम की ब्याज समेत वसूली की जाएगी। इसके अलावा कंपनियों को मोटा जुर्माना भी देना पड़ सकता है। इस मामले में उस वक्त की सरकार के कुछ मंत्रियों की भूमिका भी सवालों के दायरे में है।
पिछले महीने आई है सीएजी की पूरी रिपोर्ट

इस बारे में कैग की विस्तृत रिपोर्ट पिछले महीने ही आई है। जाहिर है इसमें बताए गए तथ्यों और उसके आधार पर कानूनी केस बनाने में कुछ वक्त तो लगेगा ही। टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने भी कहा कि लगता है कि कांग्रेस के नेताओं को सीएजी की रिपोर्ट पढ़ने के बाद यह समझ में नहीं आया कि इसमें जिस धांधली का जिक्र किया गया है वो उन्हीं के कार्यकाल में हुआ था।

घोटाले के आरोप पर मीडिया ने छिपाए तथ्य

गुरुवार शाम जब कांग्रेस दफ्तर में पार्टी प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला तथाकथित पर्दाफाश कर रहे थे, तब कई न्यूज चैनलों ने उसे लाइव दिखाया। देर रात तक खबर चलती रही कि कांग्रेस ने मोदी सरकार में 45 हजार करोड़ के टेलीकॉम घोटाले का आरोप लगाया है। आम तौर पर ऐसे मामलों में सरकार का पक्ष जरूर चलाया जाता है, लेकिन किसी चैनल, अखबार या वेबसाइट ने देर रात तक सरकार का पक्ष भी बताने की जरूरत नहीं समझी और इस झूठी खबर को फैलाने में कांग्रेस की भरपूर मदद की। सवाल यह है कि मुख्यधारा मीडिया इतने बड़े आर्थिक भ्रष्टाचार की खबर पर इतनी गैर-जिम्मेदार रिपोर्टिंग कैसे कर सकता है?

फिलहाल इस फर्जी पर्दाफाश के लिए सोशल मीडिया पर कांग्रेस पार्टी की जमकर चुटकी ली जा रही है।

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